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नारायणी अस्पतालमा थप ५ कोरोना संक्रमितको मृत्यु

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बीरगन्ज,१० जेठ । कोरोना संक्रमणबाट बीरगन्जमा थप ५ जनाको मृत्यु भएको छ । बीरगन्जकाे नारायणी अस्पतालमा उपचाररत ५ जना कोरोना संक्रमितको मृत्यु भएको हो । मृतकमध्ये पर्सा र बाराका २/२जना र सर्लाहीका १ जना छन् । बीरगन्ज -३२ चोर्नीका ३५ वर्षीय पुरुषको कोरोना संक्रमणबाट मृत्यु भएको छ । वैशाख ३ गते अस्पताल भर्ना भएका उनको सोही दिन गरिएको एन्टिजेन परीक्षण रिपोर्ट पोजेटिभ आएको थियो । कोभिड निमोनियाले ग्रसित उनको उपचारको क्रममा सोमबार बिहान ५ बजे मृत्यु भएको अस्पतालका कोभिड संयोजक डाक्टर सरोज रोशन दासले बताए । नारायणी अस्पतालमै पर्साको बिन्दबासिनी गाउँपालिका– २ बहुअर्वाभाठाका ७० वर्षीय पुरुषको मृत्यु भएको छ । जेठ ६ गते पीसीआर परीक्षण गर्दा उनमा कोरोना संक्रमण पुष्टि भएको थियो । स्वास्थ्यमा थप समस्या देखिएपछि २ दिनपछि अस्पतालमा भर्ना गरिएको थियो । नारायणी अस्पतालका कोभिड संयोजक डाक्टर दासका अनुसार उपचारको क्रममा सोमबार बिहान पौने १ बजे उनको मृत्यु भयो । बाराको कलैया उपमहानगरपालिका– ३ गंगापुर बस्ने ६० वर्षीय पुरुषको मृत्यु भएको छ । वैशाख ३० गते गरिएको पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट पोजेटिभ आएपछि उनलाई भोलिप...

घंटों टीवी देखने की आदत से दिमाग सिकुड़ सकता है, याद्दाश्त और सोचने समझने की क्षमता भी घट जाती है

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घंटों टीवी देखने की आदत का सीधा असर दिमाग पर पड़ सकता है। दिमाग सिकुड़ सकता है। याद्दाश्त और सोचने-समझने की क्षमता कम हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है, लगातार बैठे रहने से फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, नतीजा इसका असर दिमाग पर होता है। यह दावा बर्मिंघम की अल्बामा यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क की कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी संयुक्त रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च 50 से 70 साल की उम्र के लोगों पर की है। इनकी टीवी देखने की आदत का दिमाग पर क्या असर पड़ा है, इसे रिसर्च में समझने की कोशिश की गई है। सोचने-समझने की क्षमता 6.9% घटी 45 से 64 साल की उम्र में टीवी देखने की आदत को कंटोल में रखते हैं तो भविष्य में ब्रेन स्वस्थ रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है, रिसर्च में शामिल 10,700 लोगों के ब्रेन को स्कैन किया गया। ये टीवी कब और कितना देखने हैं, इसे जुड़े सवाल-जवाब किए गए। इनका मेमोरी, लैंग्वेज और ब्रेन स्पीड टेस्ट लिया गया। रिसर्च में सामने आया कि 70 साल की उम्र में लम्बे समय तक टीवी देखने वालों की सोचने-समझने की क्षमता 6.9 फीसदी तक घट गई। स्टडी में शामिल लोगों का कहना था,...

कई दिनों से खांसी आ रही है तो सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं,

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आयुर्वेद में शहद को एक औषधि माना गया है। कोरोना काल में आयुष मंत्रालय ने इसे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाला बताया है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह कहते हैं, शहद कई तरह खनिज और विटामिन से भरपूर होता है। यह दिल, दिमाग और स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इसे रोजाना इस्तेमाल करते हैं तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और चेहरे पर निखार आता है। यह कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. जेपी सिंह बता रहे हैं शहद की पांच बड़ी खूबियां खांसी से दिलाता है निजात अगर आपकी खांसी कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है तो शहद का इस्तेमाल करें। यह काफी असरकारक घरेलू दवा है। शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल खूबी संक्रमण को बढ़ने से रोकती है। यह कफ को पतला करती है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल जाता है। रात में सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से खांसी को आराम मिलता है। क्या आपको चक्कर भी आते हैं, डाइट में शहद शामिल करें डॉ. जेपी सिंह के मुताबिक, शहद रेग्युलर लेते हैं तो सर्कुलेटरी सिस्टम बेहतर होता...

अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा:डिप्रेशन दूर करना है तो गर्म पानी से नहाइए, यह मूड को बेहतर करता है और दवाओं के साइडइफेक्ट से भी बचाता है

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अमेरिकी वैज्ञानिकों की हालिया रिसर्च कहती है, डिप्रेशन दूर करना है तो गर्म पानी से नहाइए। अमेरिका के विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में सामने आया कि डिप्रेशन के मरीज गर्म पानी से नहाते हैं तो मूड बेहतर होता है और डिप्रेशन का खतरा भी घटता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हर 5 में से एक ब्रिटिश डिप्रेशन या बेचैनी से परेशान है। इनमें नाउम्मीदी, थकान और अनिद्रा जैसे लक्षण दिखते हैं। 30% मामलों में दवाएं भी काम नहीं करती शोधकर्ताओं के मुताबिक, आमतौर पर मरीजों की काउंसलिंग के जरिए डिप्रेशन की वजह जानने की कोशिश की जाती है और एंटीडिप्रेसेंट दवाएं दी जाती हैं। डिप्रेशन के करीब 30 फीसदी मामलों में दवाएं भी काम नहीं करतीं। कई हफ्तों तक एंटीडिप्रेसेंट लेने से साइडइफेक्ट का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे हुई रिसर्च 1995 में बायोलॉजी सायकियाट्री जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, तेज बुखार डिप्रेशन से निपटने में मददगार है। इस धारणा के साथ अमेरिकी वैज्ञानिकों ने डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों का शरीर हीट कॉइल की मदद से 38.3 डिग्री सेंटीग्रेट तक गर्म किया। इसके एक घंटे बाद शरीर को ठंडा किया गया। रिसर्च के नतीजे बत...

अवैध सम्बन्धका कारण दुई नाबालक हत्या गर्ने पक्राउ

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वीरगंज, ८ जेठ । बारामा अवैध सम्बन्धका कारण दुई नाबालकको घाँटी रेटिएर हत्या भएको घटनामा संलग्न एकजनालाई प्रहरीले पक्राउ गरेको आज आइतवार जानकारी गराएको छ ।  जिल्ला प्रहरी कार्यालय, बाराका अनुसार प्रहरीले हत्याको आरोपमा कलैया उपमहानगरपालिका वडा नं. ७ रंगपुर निवासी २५ वर्षीय फरमुल्लाह अन्सारीलाई पक्राउ गरेको छ । प्रहरीको अनुसन्धान अनुसार अन्सारी र मृतक दुई बालककी आमा बीचको अनैतिक सम्बन्धका कारण अन्सारीले दुर्ई दाजुभाईको हत्या गरेको जिल्ला प्रहरी कार्यालय बाराका प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी नायव उपरीक्षक गौतम मिश्रले जानकारी बताए ।  मृतक दुई बालकका बुबा अब्दुल गफार अन्सारी विगत तीन वर्षदेखि वैदेशिक रोजगारका क्रममा विदेशमा रहेकाले मृतकहरूका आमा र अन्सारीबीच घनिष्ठता र हिमचिम बढेको बालकबाट खुलासा हुने डरले अन्सारीले घाटी रेटेर बालकको हत्या गरेको बारा प्रहरीले जनाएको छ ।  बारा, कलैया उपमहानगरपालिका वडा नं. ७ घर भएका अब्दुल गफार अन्सारी विगत ३ वर्षदेखि वैदेशिक रोजगारीमा छन् । गफारको दुर्ई नाबालक छोरा ९ वर्षीय अमान अन्सारी र ९ वर्षीय उसमान अन्सारीको हत्या फरमुल्लाह अन्सारीले नजीकैको मदर्सा...

कोरोना सङ्क्रमितको शव व्यवस्थापनमा जनकपुरधामका युवा

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जनकपुरधाम । कोरोना सङ्क्रमणका कारणले जनकपुरधामको प्रादेशिक अस्पतालमा मृत्यु भएकाहरूको शवको व्यवस्थापनमा जनकपुरधामका केही मनकारी युवाहरूले लागेका छन् । परिवारको सदस्य नभएका मृतकका शव व्यवस्थापनमा युवाहरू सक्रिय भएका हुन । जनकपुरधामका युवाहरू राकेश विक्रम साह, शुशिल कर्ण, किसन मण्डल, कन्हैया दास र अजय अधिकारीले शव व्यवस्थापन सक्रिय भएका छन् । सुरक्षाका लागि आवश्यक पर्ने पिपिई, मास्क, स्यानिटाइजर, ग्लब्ज आदिको प्रयोग गरेर स्थानीय युवाहरूले शवको व्यवस्थापनमा लागेका छन् । नेपाली सेनाले पनि शवको व्यवस्थापन गर्दै आएको छ तर प्रमाण पुर्‍याउन नसक्नेको हकमा युवाहरूले शव व्यवस्थापनमा जुटेका छन् । यस कार्यलाई सबै तिरबाट प्रशंसा हुन थालेको छ । युवाहरू शव व्यवस्थापनका लागि तालिम प्राप्त नभए पनि जोखिम मोलेर देखाएको साहसलाई उच्च सम्मान गर्नु पर्दछ स्थानीय सञ्चारकर्मी घनश्याम मिश्रले बताउनुभयो । त्यस्तै युवाहरू शव व्यवस्थापनका लागि तालिम प्राप्त नभएकाले व्यवस्थापन गर्न जोखिम भए पनि जोखिम मोलेर भए पनि प्रादेशिक अस्पतालमा शवको व्यवस्थापन हुन नसकेको शवलाई व्यवस्थापन गर्न थालेको अगुवा शुशिल कर्णले जानकारी ...

धनुषामा कोरोना भाइरसको संक्रमणबाट एकैदिन पाँचजनाको मृत्युु

जनकपुरधाम, जेठ ९ । पछिल्लो २४ घण्टामा प्रादेशिक अस्पताल जनकपुरमा उपचारको क्रममा धनुषाका ५ जनाको मृत्युु भएको प्रदेश स्वास्थ्य निर्देशनालयले जनाएको छ । मृत्यु हुनेमा बटेश्वर गाउँपालिका- ३ का ३८ वर्षीय युवक, जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका – ९ की ६५ वर्षीया महिला , लक्ष्मीनिया गाउँपालिका – ४ का ६५ वर्षीय पुरुष, जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका २२ कुर्थाका ६८ वर्षीया महिला र धनुषा कालिपुरका ७५ वर्षीय पुरुष रहेको निर्देशनालयका बरिस्ठ चिकित्सक डा. कमलेश प्रसाद यादवले जानकारी दिए । लक्ष्मीनिया गाउँपालिकाका मृतक वृद्धको शवलाई जनकपुरका युवा नेता राकेश विक्रम साहको नेतृत्वमा व्यवस्थापन गरिएको छ ।