एक्सपर्ट रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह देते हैं, लेकिन कई लोग नाश्ते में खाली पेट दूध लेना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि दूध को बार-बार उबालने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। ये दोनों ही बातें गलत हैं। आज वर्ल्ड मिल्क डे है, इस मौके पर एक्सपर्ट से जानिए दूध से जुड़े भ्रम और सच....
भ्रम: दूध ही कैल्शियम का सबसे बेहतर विकल्प है।
सच: ज्यादातर लोग इसे ही सच मानते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं हैं। दो चम्मच चिया सीड्स में दूध से 6 गुना अधिक कैल्शियम होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन के मुताबिक, 100 एमएल दूध में 125 मिग्रा. कैल्शियम होता है, जबकि 100 ग्राम रागी में 344 मिग्रा कैल्शियम होता है। एक्सपर्ट कहते हैं, शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब होने के लिए विटामिन-डी भी पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है।
भ्रम: दूध को उबालने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
सच: दूध को खराब होने से बचाने के लिए उसे उबाला जाता है ताकि इसे नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाएं। इसे उबालने से इसके पोषक तत्वों पर असर नहीं पड़ता। आहार विशेषज्ञ नमिता चंदानी कहती हैं, दूध को कई बार उबालने से भी इसके पोषक तत्व नहीं खत्म होते।
भ्रम: दूध को सुबह नाश्ते में ही लेना चाहिए।
सच: आहार विशेषज्ञों के मुताबिक, दूध सुबह ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें इसे खाली पेट न लें। ऐसा करने से पाचन बिगड़ सकता है। गैस बन सकती है। आयुर्वेद कहता है, अगर आपको वात और कफ दोष है तो सुबह खाली पेट दूध न लें। जिन्हें अक्सर खांसी की शिकायत रहती है, उन्हें भी सुबह खाली पेट दूध लेने से बचना चाहिए।
भ्रम: दूध पीने से पेट में ऐंठन होती है।
सच: ऐसा सिर्फ उन लोगों को होता है जिन्हें दूध से एलर्जी है। आमतौर पर ऐसा नहीं होता, लेकिन कुछ चीजों के साथ दूध लेते हैं तो एसिड की समस्या हो सकती है। जैसे, फल के तुरंत बाद दूध लेने पर ऐसा हो सकता है। आहार विशेष नमिता कहती हैं, दूध में दालचीनी या हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। यह दूध का स्वाद भी बदलता है और इम्यूनिटी भी इजाफा करता है।
भ्रम: दूध को भोजन मानकर भी पी सकते हैं।
सच: एक्सपर्ट कहते हैं, दूध को पोषक तत्वों के आधार पर कम्प्लीट फूड कहते हैं, लेकिन इसे भोजन का विकल्प नहीं बनाया जा सकता है। शरीर को विटामिन-सी, फाइबर समेत कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है जो दूध में नहीं होते। इसलिए इसे लंच या डिनर से रिप्लेस न करें।
पिछले एक साल में देश में गोल्डन मिल्क यानी हल्दी वाला दूध पीने वालों की संख्या बढ़ी है। आयुष मंत्रालय रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए पहले ही हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दे चुका है। ज्यादातर लोग समझते हैं कि यह सिर्फ इम्युनिटी को बढ़ाता है, जबकि ऐसा नहीं है। आयुर्वेद कहता है, गोल्डन मिल्क शरीर में दर्द को दूर करने के साथ नींद की समस्या को घटाता है और शरीर पर बढ़ती उम्र के असर को कम करता है।
आज वर्ल्ड मिल्क-डे है, इस मौके पर जानिए हल्दी वाला दूध आपके कितने काम का है...
गोल्डन मिल्क कैसे बनाएं
एक कप दूध लें। इसमें एक टेबलस्पून हल्दी, एक छोटा अदरक का टुकड़ा डालें, आधा टेबल स्पून दालचीनी पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च पाउडर डालकर गर्म करें। धीमी आंच में इसे 10 मिनट तक उबलने दें। मिठास के लिए चीनी से बेहतर विकल्प शहद है। इसलिए इसे गैस से उतारने के बाद एक टेबलस्पून शहद डाल सकते हैं।
अब जानिए इसके फायदे
सूजन और जोड़ों का दर्द घटाता है
एक रिसर्च के मुताबिक, हल्दी वाले दूध में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेट्री खूबियां होती हैं जो शरीर में सूजन को घटाती है। यही वजह है कि यह जोड़ों के दर्द और गठिया में राहत पहुंचाता है। रोजाना एक गिलास गोल्डन मिल्क लेते हैं तो बढ़ती उम्र में होने वाली समस्या ऑस्टियोआर्थराइटिस में फायदा पहुंचता है।
हृदय रोगों का खतरा 14% तक कम होता है
इंग्लैंड की रीडिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, दिल की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा 14 फीसदी तक घटाना है तो रोजाना एक गिलास दूध पिएं। रोजाना एक गिलास दूध पीने वालों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है। इसलिए दिल की बीमारियों का रिस्क कम रहता है।
ब्लड शुगर का लेवल घटता है
ऐसे लोग जिनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ है वो गोल्डन मिल्क ले सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए हल्दी, अदरक और दालचीनी पाउडर वाला दूध अधिक फायदेमंद है। ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च में भी यह साबित हुआ है कि दूध पीने से ब्लड शुगर का लेवल नहीं बढ़ता।
कैंसर की आशंका घट जाती है
एक रिसर्च कहती है, हल्दी वाला दूध पीने से कैंसर का खतरा कम होता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं को खत्म करने की कोशिश करता है। इनके एक से दूसरे जगह पर फैलने की क्षमता को घटाता है।