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दुनिया की सबसे विचित्र गोभी ऐसी क्यों है

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पिरामिड की तरह दिखने वाली दुनिया की विचित्र गोभी पर वैज्ञानिकों ने नई रिसर्च की है। यह गोभी इतनी विचित्र क्यों दिखती है, वैज्ञानिकों ने इसकी वजह बताई है। इसे आम भाषा में रोमनेस्को कॉलीफ्लॉवर और रोमनेस्को ब्रॉकली भी कहा जाता है। यह सेलेक्टिव ब्रीडिंग का बेहतरीन उदाहरण है। इसकी बनावट पर फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च के वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है। इसलिए होता है पिरामिड जैसा आकार शोधकर्ता फ्रांस्वा पार्सी का कहना है, इस गोभी के विचित्र दिखने की वजह इसका फूल है। गोभी में मौजूद दानेदार फूल दरअसरल बड़े फूल में तब्दील होना चाहते हैं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है। इसका निचला हिस्सा तने में तब्दील हो जाता है और ऊपरी हिस्सा कली बनकर रह जाती हैं। ऐसा इतनी बार होता है कि एक कली के ऊपर दूसरी कली चढ़ती जाती है। इस तरह ये पिरामिड जैसे दिखने लगते हैं। फूल का 3डी-मॉडल तैयार किया शोधकर्ता एलेक्जेंडर बुक्श कहते हैं, इस गोभी की पिरामिड जैसी आकृति का पता लगाना इसलिए जरूरी था क्योंकि इसमें किसी तरह की बीमारी हो तो उसे सुधारा जा सके। ऐसी आकृति का पता लगाने के लिए गोभी के अलग-अलग फूल का 3डी- मॉडल तैय...

लॉन्ग कोविड से जुड़ी 5 लक्षण

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कौन से लक्षण बताते हैं कि मरीज लॉन्ग कोविड का शिकार हो सकता है, इसे समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक स्टडी की है। वैज्ञानिकों का कहना है, संक्रमण होने के बाद पहले ही हफ्ते में कोरोना से जुड़े 5 लक्षण दिखते हैं तो मरीज को लॉन्ग कोविड होने का खतरा ज्यादा रहता है। इन 5 लक्षणों में थकान, सिरदर्द, सांस से जुड़ी समस्या, बुखार और पेट से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं। रिसर्च करने वाली ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, कोरोना पीड़ितों से जुड़े डाटा की मदद से लॉन्ग कोविड के 10 लक्षण भी बताए गए हैं। इनमें सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, जोड़ों में दर्द, सीने में दर्द, डायरिया, स्वाद और खुशबू का न मिल पाना शामिल हैं। क्या है लॉन्ग कोविड लॉन्ग कोविड की कोई मेडिकल परिभाषा नहीं है। आसान भाषा में इसका मतलब है शरीर से वायरस जाने के बाद भी कुछ न कुछ लक्षण दिखते रहना। कोविड-19 के जिन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, उन्हें महीनों बाद भी समस्याएं हो रही हैं। कोविड-19 से उबरने के बाद भी लक्षणों का लंबे समय तक बने रहना ही लॉन्ग कोविड है। लॉन्ग कोविड की वजह सम...

कोरोना का संक्रमण होने के 9 महीने बाद भी शरीर में रहती हैं एंटीबॉडीज

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कोरोना का एक बार संक्रमण होने के बाद एंटीबॉडीज शरीर में कितने दिनों तक रहती हैं, यह सवाल हमेशा से चर्चा में रहा है। हालिया रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इसका जवाब दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है, संक्रमण के 9 महीने बाद तक शरीर में एंटीबॉडी का लेवल हाई रहता है। चाहें मरीज में संक्रमण के बाद लक्षण दिखे हों या मरीज एसिम्प्टोमैटिक रहा हो। यह दावा इटली की पडुआ यूनिवर्सिटी और लंदन के इम्पीरियल कॉलेज मिलकर की है। 98.8 फीसदी मरीजों में मिली एंटीबॉडीज पिछले साल फरवरी और मार्च में इटली शहर में 3 हजार कोरोना पीड़ितों के डाटा की एनालिसिस की गई। इनमें से 85 फीसदी मरीजों की जांच की गई। मई और नवम्बर 2020 में एक बार फिर मरीजों में जांच करके एंटीबॉडीज का स्तर देखा गया। जांच में सामने आया कि जो फरवरी और मार्च में संक्रमित हुए थे उनमें से 98.8 फीसदी मरीजों में नवम्बर में भी एंटीबॉडीज पाई गईं। लक्षण और बिना लक्षणों वालों में एंटीबॉडीज का स्तर एक इम्पीरियल कॉलेज के रिसर्चर इलेरिया डोरिगाटी का कहना है, रिसर्च के दौरान पाया गया कि लक्षण वाले और बिना लक्षण वाले मरीजों में एंटीबॉडीज का स्तर एक जैसा था। यह बात भी स...

कोविड के इलाज ने लोगों को गरीब बना दिया है

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कोरोना ने देश के लोगों को भीषण गरीबी में धकेल दिया है. लोग गरीब से और अधिक गरीब होते जा रहे हैं. हाल ही में एसबीआई SBI की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि देश में इस साल लोगों ने 66,000 करोड़ रुपये अस्पतालों पर अतिरिक्त खर्च किए हैं. कोरोना के कहर ने देश को तबाह कर दिया है. देश के परिवारों ने अपने लोगों को खोया है. वहीं दूसरी तरफ जिन परिवारों में इस बीमारी ने तांडव मचाया है, उस परिवार में आर्थिक परेशानी में उसकी कमर तोड़ दी है. जो पैसे उन्होंने घर खरीदने, शिक्षा पर खर्च करने या सैर पर जाने के लिए बचा कर रखे थे, वह ऑक्सीजन खरीदन, अस्पताल में भर्ती होने या दवाई खरीदने में खर्च दिए. लाखों परिवारों को बाहर से कर्ज लेना पड़ा. टीओआई में छपी खबर के मुताबिक 24 साल का सक्थि प्रशांत के पास एक साल पहले सब कुछ था लेकिन आज उसके पास कुछ नहीं है. प्रशांत मास्टर डिग्री के लिए 2020 में कनाडा जाना चाहता था. इसके लिए वह महामारी का प्रकोप कम होने का इंतजार कर रहा था लेकिन बाद में उन्हें और उनके पिता कोरोना से संक्रमित हो गए. अस्पतालों के चक्कर में सेविंग के 12 लाख रुपये खर्च हो गए. अब उनके पास कुछ भी...

वर्ल्ड मिल्क डे आज: गोल्डन मिल्क पीना क्यों जरूरी

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एक्सपर्ट रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह देते हैं, लेकिन कई लोग नाश्ते में खाली पेट दूध लेना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि दूध को बार-बार उबालने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। ये दोनों ही बातें गलत हैं। आज वर्ल्ड मिल्क डे है, इस मौके पर एक्सपर्ट से जानिए दूध से जुड़े भ्रम और सच.... भ्रम: दूध ही कैल्शियम का सबसे बेहतर विकल्प है। सच: ज्यादातर लोग इसे ही सच मानते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं हैं। दो चम्मच चिया सीड्स में दूध से 6 गुना अधिक कैल्शियम होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन के मुताबिक, 100 एमएल दूध में 125 मिग्रा. कैल्शियम होता है, जबकि 100 ग्राम रागी में 344 मिग्रा कैल्शियम होता है। एक्सपर्ट कहते हैं, शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब होने के लिए विटामिन-डी भी पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। भ्रम: दूध को उबालने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं। सच: दूध को खराब होने से बचाने के लिए उसे उबाला जाता है ताकि इसे नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाएं। इसे उबालने से इसके पोषक तत्वों पर असर नहीं पड़ता। आहार विशेषज्ञ नमिता चंदानी कहती हैं, दूध को कई...

बेवजह सड़कों पर घूमना पड़ेगा महंगा, सोशल मीडिया पर वायरल होंगे तस्वीर और वीडियो

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सड़कों पर बेवजह घूमने-फिरने वालों पर नकेल कसने की तैयारी है। बड़वानी जिले में तो प्रशासन ने तय किया है कि जो लोग बेवजह घूमकर अनलॉक के प्रावधानों का उल्लंघन करेंगे, उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया व्हाटसएप पर जारी किए जाएंगे। बड़वानी के कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने कहा है कि एक जून से हुए अनलॉक के दौरान लागु व्यवस्थाओं का पालन हर-हाल में करवाना है। इसके लिये अपने प्रभार के क्षेत्र में शिक्षको, पटवारियों सहित अन्य विभागों के मैदानी अमले की तैनाती की जाये । जो घूम-घूमकर अनलॉक के प्रावधान का उल्लंघन होने की वीडियो बनाकर उनके व्हाट्सएप पर भेजेंगे । इसके आधार पर दोषी दुकानदार पर कार्यवाही की जाये । वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को बताया कि उनके प्रभार के नगरों एवं बड़े कस्बो में लागू 50 प्रतिशत दुकाने खुलने के नियम का पालन अनिवार्य रूप से करवाया जाये। इसके लिये लागू सम-विषम संख्या के आधार पर दुकाने खुलने की जानकारी विभिन्न माध्यमो से दुकानदारो को दिलवाई जाये । जिससे वे अनजाने में इस नियम का उल्लंघन न करने पाएँ।...

अमेरिका के एक रेस्टोरेंट : मास्क लगाने वालों को देने पड़ते हैं ज्यादा पैसे

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    वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरी दुनिया मास्क को बहुत जरूरी मान रही है। लेकिन मास्क को लेकर अमेरिका में एक रेस्टोरेंट के मालिक ने अजीबोगरीब नियम बनाया है। रेस्टोरेंट में मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों को 5 डॉलर (लगभग 363 रुपये) का एक्सट्रा चार्ज चुकाना पड़ रहा है। इस नियम को लेकर रेस्टोरेंट मालिक का कहना है कि लॉकडाउन के कारण 'सामूहिक रूप से हुए नुकसान' की भरपाई के लिए  ग्राहकों को यह भुगतान करना चाहिए। दरअसल, कैलिफोर्निया के मेंडोकिनो में फिडलहेड कैफे के मालिक क्रिस कैसलमैन का मानना है कि लोग समाज की बेहतरी के लिए ही मास्क पहन रहे हैं। ऐसे लोगों को 5 डॉलर का एक्सट्रा चार्ज देने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। इस एक्सट्रा चार्ज से इक्कट्ठा हुआ पैसा चैरिटी के लिए जाएगा। कैसलमैन कहते हैं, 'मुझे नहीं लगता है कि समाज की परवाह करने का दावा करने वाले मास्क पहने हुए लोगों से चैरिटी के लिए 5 डॉलर लेना कोई बड़ी रकम है।' घातक कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से रेस्टोरेंट व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। ऐसे में इसका असर कैसलम...

जंगलों में 3 हजार साल बाद नजर आया 'डेविल'

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एक ओर जहां ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के चलते कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार है वहीं ऑस्ट्रेलिया से एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। हजारों साल गायब रहने के बाद ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में 'तस्मानिया डेविल' नाम की एक प्रजाति ने वापसी की है। इस प्रजाति के सिर्फ नाम में 'शैतान' है, असल में यह छोटे कुत्ते जैसा एक जीव है। तस्मानिया डेविल को करीब 3000 साल के बाद देखा गया है। इस खबर के बाद पर्यावरणविद काफी खुश हैं। तस्मानिया डेविल प्रजाति की वापसी बायोडायवर्सिटी के नजरिए से बेहद अहम घटना है। तस्मानिया डेविल दुनिया का सबसे बड़ा मार्सुपियल कार्निवोर होता है। इसकी लंबाई 30 इंच तक और वजन 26 पाउंड तक होता है। हाल ही में देखे गए तस्मानिया डेविल 3000 सालों में जन्में इस प्रजाति के पहले जीव हैं। ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में डेविल आर्क सेंचुरी नाम की छोटी पहाड़ी को बैरिंगटन टॉप के नाम से भी जाना जात है। यहां के कुछ अधिकारियों ने तस्मानिया डेविल के 7 बच्चों को एक गड्ढे में पड़े हुए देखा। इन बच्चों के साथ उनकी मां नहीं थी। इन बच्चों को देखकर अधिकारी उम्मीद लगा ...

दुनिया जलवायु परिवर्तन के पीक पॉइंट से केवल पांच साल दूर

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दुनियाभर में धरती के गर्म होने का रिकॉर्ड टूट सकता है। वैज्ञानिकों ने यह खतरा जताते हुए कहा है, 2021 से 2025 के बीच एक साल ऐसा होगा जो सबसे अधिक रिकॉर्ड गर्मी वाला होगा। 40 फीसदी तक 1.5 डिग्री तापमान बढ़ने का खतरा है। वो साल 2016 में पड़ी गर्मी को पीछे छोड़ देगा। तापमान बढ़ने से लू, अत्यअधिक बारिश और पानी की कमी बढ़ सकती है। यह दावा अमेरिका, चीन समेत दुनियाभर के 10 देशों के वैज्ञानिकों ने वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) की रिपोर्ट में किया है। तापमान बढ़ने का खतरा 20% से बढ़कर 40% हुआ पिछले एक दशक में 1.5 डिग्री तापमान बढ़ने की आशंका मात्र 20 फीसदी थी, लेकिन नई रिपोर्ट में यह खतरा अब 40 फीसदी बताया गया है। ऐसा होता है तो 2015 में हुए पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित तापमान से ऊपर उठ जाएगा। मौसम वैज्ञानिक लियोन हरमेंसन का कहना है, दुनिया 1.5 डिग्री तापमान बढ़ने की ओर है। इसे रोकने के लिए तुरंत एक्शन लेने की जरूरत है क्योंकि समय बीतता जा रहा है। बर्फ पिछलेगी, समुद्रजल का स्तर बढ़ेगा वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव प्रो. पेटेरी तालास के मुताबिक, बढ़ते तापमान से बर्फ पि...

कोरोना की वैक्सीन लगवाने वालों की इस देश में लगेगी लॉटरी, जीतने वालों को मिलेंगे करोड़ों रुपये

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से पूरी दुनिया प्रभावित है। लेकिन त्रासदी भरे हालात के बावजूद भी लोग कोरोना की वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के एक गांव में वैक्सीन लगाने के लिए जैसे ही मेडिकल टीम पहुंची, तो वहां के सभी लोग नदी में कूद गए। हालांकि, दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां वैक्सीन लगवाने पर लॉटरी लग रही है। दरअसल, कोरोना की वैक्सीन को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए अमेरिका के ओहियो में लॉटरी सिस्टम के जरिए ईनाम देने का ऐलान किया गया है। ये स्कीम ओहियो के गवर्नर माइक डेविन के द्वारा लांच किया गया है। ओहियो में जो भी टीका लगवाएगा, वो इस लॉटरी में भाग ले सकता है। 'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉटरी जीतने वाले सभी लोगों को 10 लाख डॉलर (करीब 7.2 करोड़ रुपए) दिए जाएंगे। माइक डेविन ने बताया कि करीब 27 लाख लोगों ने पहले हफ्ते की लॉटरी के लिए आवेदन कर दिया है। बता दें कि लॉटरी में शामिल होने के लिए दो कैटेगरी बनाई गई है। पहली कैटेगरी में ओहियो के मूल निवासी और 18 साल से अधिक उम्र वाले वयस्क आएंगे, जबकि 12 से 17 साल के युवाओं के लिए अलग लॉटरी सिस्टम र...

बिना वैक्सीन प्रमाण पत्र के नहीं मिलेगी शराब

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उत्तर प्रदेश के इटावा में कोरोना संक्रमण को रोकने की दिशा में वैक्सीन लगावाने को लेकर सैफई के उपजिलाधिकारी ( एसडीएम) ने एक अनूठी पहल करते हुए ठेकेदारों से कहा है कि वहर किसी को भी बगैर प्रमाण पत्र के शराब की ब्रिकी नहीं करें और इसका असर दिखाई भी देने लगा है। उपजिलाधिकारी हेमसिंह (एसडीएम) के अनुसार शनिवार को उन्होंने ठेकेदारो से बगैर वैक्सीन प्रमाण पत्र के किसी को शराब की बिक्री नहीं करने की अपील की थी। एसडीएम की अपील के बाद अब शराब खरीदने वाले वैक्सीन लगावाने का प्रमाण पत्र लेकर आ रहे है। सिंह ने सैफई तहसील में कोरोना वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने की इस अनूठे प्रयोग की जमकर तारीफ हो रही है। उन्होंने शराब व बीयर ठेका संचालकों से अपील की है कि कोरोना का टीका लगवा चुके लोगों को ही शराब बेचें। इसके लिए वह समय-समय पर दुकानों की जांच भी करेंगे। गौरतलब है कि अलीगढ़ में जहरीली शराब से हुई लोगों की मौत के बाद एसडीएम हेमसिंह और सीओ राकेश वरिष्ठ और आबकारी विभाग की टीम के साथ शराब व बीयर की दुकानों का निरीक्षण करने निकले थे। दुमीला तिराहे और गीजा गांव में दुकानों की जांच के बाद एसडीएम ने शराब दुकानों ...

कोरोना: क्या है एंटीबॉडी कॉकटेल दवा? डॉ.गंगाखेड़कर बोले- म्यूटेशन रोकने में होगी मददगार

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विस्तार कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इन दिनों 'मोनोक्लोनल एंटीबॉडी' या 'एंटीबॉडी कॉकटेल' दवा की चर्चा चल रही है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह दवा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 'गेम चेंजर' हो सकती है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) के महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग के पूर्व प्रमुख डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल से कोविड-19 वायरस के म्यूटेशन की संभावनाएं नहीं हैं। आईसीएमआर के पूर्व महामारी वैज्ञानिक डॉ. रमन आर. गंगाखेड़कर कहते हैं कि आने वाले वक्त में ही पता चलेगा कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा कोविड और उसके वैरिएंट्स के खिलाफ कितनी प्रभावी है। हालांकि, संभावना है कि इससे वायरस का म्यूटेशन नहीं होगा। गांगुली बोले- सभी कोरोना मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. निर्मल के. गांगुली ने कहा है कि एंटीबॉडी कॉकटेल का उपयोग सिर्फ गंभीर या जान की जोखिम वाले मरीजों के लिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि यह (मोनोक्लोनल एंटीबॉडी) एक अत्यधिक महंगा उत्पाद है, इसलिए सभी संक्रमित व्यक्तियों के लिए इसका उप...

आज का राशिफल: मिथुन राशि वालों का बहुत ही बुरा वक्त, हो सकती है अनहोनी

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मेषः- आज मेष राशिवाले रोजगार में तरक्कील करेंगे। प्रेम की स्थिति नकारात्मक है। रिश्तें किसी तरह की दरार ना आ जाए ऐसा काम ना करें। वृषभः- आज वृषभ राशिवालों का सरकारी तंत्र से समस्या, प्रेम की स्थिति पहले से बेहतर है और भाग्य साथ देगा आपका। मिथुनः- आज मिथुन राशिवालों की परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। परेशानी में पड़ सकते हैं। कुछ भी अच्छा नहीं होगा। रोजगार में मध्यम गति से आप आगे चलते रहेंगे। किसी अपने से दूर ना हो ऐसी गलती ना करें। कर्कः- आज कर्क राशिवालों को जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा। रोजगार में तरक्की करेंगे। प्रेम की स्थिति मध्यम है। व्याेपार सही स्थिति में चलता रहेगा। सिंहः- आज सिंह राशिवाले शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे। रुका हुआ काम चल पड़ेगा। व्या‍पार सही चल रहा है। संतान की स्थिति भी अच्छी है। कन्याः - आज कन्या राशिवालों का मन परेशान रहेगा। भावुक बने रहेंगे। भावुकता में आकर कोई निर्णय न लें, नुकसान होगा। प्रेम की स्थिति मध्यम है। मन परेशान रहेगा। तुलाः- आज तुला राशिवालों का घरेलू सुख बाधित है। गृहकलह के संकेत हो सकते हैं। व्यापार धीरे-धीरे चलता रहेगा। वृश्चिकः- आज वृश्चिक राशिवालों का पर...

घंटों टीवी देखने की आदत से दिमाग सिकुड़ सकता है, याद्दाश्त और सोचने समझने की क्षमता भी घट जाती है

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घंटों टीवी देखने की आदत का सीधा असर दिमाग पर पड़ सकता है। दिमाग सिकुड़ सकता है। याद्दाश्त और सोचने-समझने की क्षमता कम हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है, लगातार बैठे रहने से फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, नतीजा इसका असर दिमाग पर होता है। यह दावा बर्मिंघम की अल्बामा यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क की कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी संयुक्त रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च 50 से 70 साल की उम्र के लोगों पर की है। इनकी टीवी देखने की आदत का दिमाग पर क्या असर पड़ा है, इसे रिसर्च में समझने की कोशिश की गई है। सोचने-समझने की क्षमता 6.9% घटी 45 से 64 साल की उम्र में टीवी देखने की आदत को कंटोल में रखते हैं तो भविष्य में ब्रेन स्वस्थ रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है, रिसर्च में शामिल 10,700 लोगों के ब्रेन को स्कैन किया गया। ये टीवी कब और कितना देखने हैं, इसे जुड़े सवाल-जवाब किए गए। इनका मेमोरी, लैंग्वेज और ब्रेन स्पीड टेस्ट लिया गया। रिसर्च में सामने आया कि 70 साल की उम्र में लम्बे समय तक टीवी देखने वालों की सोचने-समझने की क्षमता 6.9 फीसदी तक घट गई। स्टडी में शामिल लोगों का कहना था,...

कई दिनों से खांसी आ रही है तो सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं,

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आयुर्वेद में शहद को एक औषधि माना गया है। कोरोना काल में आयुष मंत्रालय ने इसे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाला बताया है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह कहते हैं, शहद कई तरह खनिज और विटामिन से भरपूर होता है। यह दिल, दिमाग और स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इसे रोजाना इस्तेमाल करते हैं तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और चेहरे पर निखार आता है। यह कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. जेपी सिंह बता रहे हैं शहद की पांच बड़ी खूबियां खांसी से दिलाता है निजात अगर आपकी खांसी कई दिनों से ठीक नहीं हो रही है तो शहद का इस्तेमाल करें। यह काफी असरकारक घरेलू दवा है। शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल खूबी संक्रमण को बढ़ने से रोकती है। यह कफ को पतला करती है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल जाता है। रात में सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से खांसी को आराम मिलता है। क्या आपको चक्कर भी आते हैं, डाइट में शहद शामिल करें डॉ. जेपी सिंह के मुताबिक, शहद रेग्युलर लेते हैं तो सर्कुलेटरी सिस्टम बेहतर होता...

अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा:डिप्रेशन दूर करना है तो गर्म पानी से नहाइए, यह मूड को बेहतर करता है और दवाओं के साइडइफेक्ट से भी बचाता है

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अमेरिकी वैज्ञानिकों की हालिया रिसर्च कहती है, डिप्रेशन दूर करना है तो गर्म पानी से नहाइए। अमेरिका के विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में सामने आया कि डिप्रेशन के मरीज गर्म पानी से नहाते हैं तो मूड बेहतर होता है और डिप्रेशन का खतरा भी घटता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हर 5 में से एक ब्रिटिश डिप्रेशन या बेचैनी से परेशान है। इनमें नाउम्मीदी, थकान और अनिद्रा जैसे लक्षण दिखते हैं। 30% मामलों में दवाएं भी काम नहीं करती शोधकर्ताओं के मुताबिक, आमतौर पर मरीजों की काउंसलिंग के जरिए डिप्रेशन की वजह जानने की कोशिश की जाती है और एंटीडिप्रेसेंट दवाएं दी जाती हैं। डिप्रेशन के करीब 30 फीसदी मामलों में दवाएं भी काम नहीं करतीं। कई हफ्तों तक एंटीडिप्रेसेंट लेने से साइडइफेक्ट का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे हुई रिसर्च 1995 में बायोलॉजी सायकियाट्री जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, तेज बुखार डिप्रेशन से निपटने में मददगार है। इस धारणा के साथ अमेरिकी वैज्ञानिकों ने डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों का शरीर हीट कॉइल की मदद से 38.3 डिग्री सेंटीग्रेट तक गर्म किया। इसके एक घंटे बाद शरीर को ठंडा किया गया। रिसर्च के नतीजे बत...

पटना के घाटों पर डेढ़ माह में जलाए गए 2781 कोरोना संक्रमितों के शव

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 पटना: लॉकडाउन लगने के बाद श्मशान घाटों पर कोरोना संक्रमितों के शव पहुंचने की संख्या में कमी आ गई है। डेढ़ माह में पटना के तीन घाटों पर 2781 संक्रमितों के शव जलाए गए हैं। इस दौरान कई दिनों तक एक दिन में 100 से अधिक शव जलाए गए थे। मंगलवार को बांसघाट पर 25, गुलबीघाट पर 20 और खाजेकलां घाट पर चार संक्रमितों के शव जलाए गए। अब श्मशान घाटों पर शवों के कतार में रखने और बारी आने का इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। घाटों पर शव पहुंचने के कुछ ही देर में जलाए जा रहे हैं।  बांसघाट : डेढ़ माह में बांसघाट पर 1611 संक्रमितों के शव जले। इनमें अप्रैल में 940 तथा मई में 671 संक्रमितों के शव जलाए गए।  गुलबीघाट :  इस अवधि में गुलबीघाट पर 945 संक्रमितों के शव जलाए गए। इनमें अप्रैल में 445 तथा मई में 470 शव जले हैं।  खाजेकलां घाट : इस घाट पर 16 अप्रैल से कोरोना संक्रमितों के शव जलाने की प्रक्रिया शुरू हुई। यहां 225 संक्रमितों के शव जलाए गए। अप्रैल में 110 तथा मई में 115 शव जलाए गए हैं।  अप्रैल के दूसरे सप्ताह में रोज कोरोना संक्रमितों के 40-45 शव बांसघाट पहुंचने लगे। विद्युत शवदाह गृह की एक यूनिट बंद रहने के कार...

भन्सार छलीको कपडासहित नगवाका राजकुमार प्रसाद पक्राउ

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६ जेठ २०७८, बिहीबार पर्सा ।  भन्सार छली गरेर ल्याएका लत्ताकपडासहित प्रहरीले पर्साको वीरगञ्जबाट एक जनालाई पक्राउ गरेको छ । पक्राउ पर्नेमा वीरगञ्ज महानगरपालिका –१६ नगवाका राजकुमार प्रसाद छन् । ना२ह ४१६३ नम्बरको अटो गाडीमा भारतबाट भन्सार छलेर ल्याइएको १ लाख भन्दा बढीको लत्ताकपडासहित अटोलाई नियन्त्रणमा लिएको प्रहरीले जनाएको छ । जिल्ला प्रहरी कार्यालय पर्साका प्रवक्ता डीएसपी ओमप्रकाश खनालाका अनुसार करिव १ लाख बराबरको सर्ट, पाइन्टको कपडा, साडी, लेहंगालगाएत लत्ताकपडा र ४ लखा मुल्य बराबरको अटो गाडीसहित पक्राउ परेका व्यक्तिलाई भन्सार कार्यालयमा बुझाइएको छ ।

वीरगंजकी उपमेयर ९१ वर्षीया शान्ति कार्कीले कोरोना जितिन्

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फोटोः मेयर विजय सरावगीले फूलको गुच्छा दिएर उपमेयर कार्कीको स्वागत गर्दै । तस्वीरः सौजन्य वीरगंज, ६ जेठ ।  वीरगंज महानगरपालिकाकी उपप्रमुख ९१ वर्षीया शान्ति कार्कीले कोरोनालाई परास्त गरेकी छिन् ।  कोरोना संक्रमणपछि वीरगंज महानगरको आइसोलेशनमा भर्ना भइ उपचार गराउंदै आएकी उपप्रमुख कार्की आज बिहान कोरोनामुक्त भई घर फर्केकी हुन् ।  दुर्ई साताअघि उनलाई कोरोना देखिएको थियो । बुधवार गरिएको स्वाब परीक्षणको रिपोर्ट नेगेटिभ आएपछि महानगरका मेयर विजयकुमार सरावगीले उपमेयर कार्कीलाई स्वागत गर्दै घर लगेका हुन् । महानगरको आइसोलेशनमा १३ दिन आइसोलेट भएकी कार्कीको रिपोर्ट नेगेटिभ आएपछि उनलाई डिस्चार्ज गरिएको मेयर सरावगीले बताए । उपमेयर कार्कीलाई आइसोलेसन बस्दा धेरै समस्या देखिएन। उनको रेखदेख गर्न एक जना चिकित्सक राखिएको र अक्सिजनलगायत केही पनि आवश्यक नभएको बताइन्छ ।  २०७४ सालमा भएको निर्वाचनमा नेपाली कांग्रेसबाट कार्की उपमेयर निर्वाचित भएकी थिइन। कार्की महानगरको उपमेयर निर्वाचित हुने सबैभन्दा बढी उमेरकी व्यक्ति हुन। 

वीरगंजमा ८२ मा संक्रमण पुष्टि

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वीरगंज, ६ जेठ । बुधबार २८८ जनाको स्वाबको पिसिआर परिक्षण गरिएकोमा मात्र ८२ जनामा कोरोना संक्रमण पुष्टि भएको नारायणी अस्पतालका कोभिड संयोजक डा. सरोज रोशन दासले बताएका छन् ।  सङ्क्रमितमध्ये पर्साका ४३ जना, बाराका २२ जना, ७÷७ जना रौतहट र सर्लाही र १÷१ जना धनुषा, महोत्तरी र सप्तरीका बासिन्दा पनि छन् । सङ्क्रमितहरुको उमेर समूह १७ वर्षदेख ७० वर्ष रहेको छ भने उनीहरुको सिटि भ्यालु १४ देखि ३५.४ सम्म रहेको छ ।